Friday, April 17, 2020

प्रथम विश्वयुद्ध

                          प्रथम विश्वयुद्ध

 प्रथम विश्वयुद्ध की शुरुआत 28 जुलाई, 1914 ई ० को हुई।  यह चार साल तक चला।  इसमें 37 देशों ने हिस्सा लिया था।
 प्रथम विश्व युद्ध का तात्कालिक कारण आस्ट्रिया के राजकुमार पानिह की प्रयोक्तािया की राजधानी सेराजेयो में हत्या थी।
  प्रथम विश्वयुद्ध में सम्पूर्ण विश्व दो खेमों में बँट गया-मित्रराष्ट्र और भुरी राष्ट्र। 
> धुरी राष्ट्रों का नेतृत्व जर्मनी ने किया।  इसमें अन्य देश शामिल थे - आस्ट्रिया, बुश और इटली आदि। 
मित्रराष्ट्रों में इंगलैंड, जापान, संयुक्त राज्य अमेरिका, सस और फास शामिल था।
  गुप्त संधियों की प्रणाली का जनक बिस्मार्क था। 
आस्ट्रिया, जर्मनी और इटली के बीच त्रिगुट का निर्माण 1882 ई ० में हुआ। 
सर्विया की गुप्त क्रांतिकारी संस्था का का हाय था। 
> रूस जापान युद्ध (1904 - 05 ई ०) का अंतर अमेरिकी राष्ट्रपति रूजवेल्ट की शिक्षाता से हुआ।
- मोरक्को में 1906 ई ० में पैदा हुआ।  आक्रमण 3 अगस्त, 1914 ई ० में किया। 
- प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान जर्मनी ने रूस पर आक्रमण 1 अगस्त, 1914 ई ० में और फ्रांस पर - 8 अगस्त, 1914 को इंगलैंड प्रथम विश्व युद्ध में शामिल हुआ। 
26 अप्रैल, 1915 ई ० को इटली मित्रराष्ट्रों की ओर से प्रथम विश्व युद्ध में शामिल हुआ।
 - प्रथम विश्वयुद्ध के समय अमेरिका का राष्ट्रपति बुद्रो विल्सन था।
 + अमेरिका 6 अप्रैल, 1917 ई ० को प्रथम विश्वयुद्ध में शामिल हुआ। 
+ जर्मनी के यू बोट द्वारा इंगलैंड के लुसीतानिया नामक जहाज को इबाने के बाद अमेरिका व्यक्ति अमेरिकी थे। 
प्रथम विश्वयुद्ध में शामिल हुआ, क्योंकि उस जहाज पर मरनेवाले 1153 व्यक्तियों में 128 व्यक्ती अमरिकी थे
→ प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति 11 नवंबर, 1918 ई ० को हुई।  ।
 → 18 जून, 1919 ई ० को परिषद शाति सम्मेलन हुआ, जिसमें 27 देश भाग ले रहे थे, मगर शाति - संधियों की शर्ते केवल तीन देश - ब्रिटेन, फ्रास और अमेरिका तय कर रहे थे।  - पेरिस शाति सम्मेलन में शाति - संधियों की शर्ते निर्धारित करने में जिन राष्ट्राध्यक्षों ने मुख्य भूमिका निभाई है, वे घे - अमेरिकी राष्ट्रपति बुद्रो विल्सन, विटेन के प्रधानमंत्री ठायह जार्ज और फ्रांस के प्रधानमंत्री जॉर्ज क्लेमोको।
 > वर्साय की संधि 28 जून 1919 ई ० को जर्मनी के साथ हुई। 
> युद्ध के हर्जाने के रूप में जर्मनी से 6 अरब 50 करोड़ पौड की राशि की मांग की गयी। 
> अन्तरराष्ट्रीय क्षेत्र में प्रथम विश्व युद्ध का सबसे बड़ा योगदान राष्ट्रसंघ की स्थापना थी।
 → प्रथम विश्व युद्ध के दौरान होनेवाली वर्साय की संधि में द्वितीय विश्व युद्ध का वीभाजन हुआ।

द्वितीय विश्वयुद्ध

                            द्वितीय विश्वयुद्ध

द्वितीय विश्वयुद्ध की शुरुआत 1 सितम्बर , 1939 ई० को हुई । यह 6 वर्षों तक लड़ा गया । इसका अन्त 2 सितम्बर , 1945 ई० को हुआ । इसमें 61 देशों ने भाग लिया
 । - द्वितीय विश्वयुद्ध का तात्कालिक कारण जर्मनी का पोलैंड पर आक्रमण था ।
> द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जर्मन जनरल रोमेल का नाम डेजर्ट फॉक्स रखा गया था ।
 - म्यूनिख पैक्ट सितम्बर , 1938 ई० में सम्पन्न हुआ । - जर्मनी ने वर्माय की संधि का उल्लघन 1935 ई० में किया ।
स्पेन में गृह युद्ध 1936 ई० में शुरू हुआ ।
- संयुक्त रूप से इटली एवं जर्मनी का पहला शिकार स्पेन था । > जर्मनी द्वारा सोवियत संघ पर आक्रमण करने की योजना को ऑपरेशन बारबोसा कहा गया । - 23 अगस्त , 1939 ई० को जर्मनी रूस आक्रमण समझौते पर हस्ताक्षर हुए ।
जर्मनी ने रूस पर समझौता उल्लंघन का आरोप लगाकर उस पर जून 1941 ई० में आक्रमण कर दिया ।
> जर्मनी की ओर से द्वितीय विश्वयुद्ध में 10 जन 1940ई० को इटली ने प्रवेश किया ।
- अमेरिका का द्वितीय विश्वयुद्ध में प्रवेश 8 सितम्बर , 1941 ई० को हुआ ।
 - द्वितीय विश्व युद्ध के समय इंगलैंड का प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल एवं अमेरिका का राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी० रुजवेल्ट था । - इंगलैंड की शानदार अलगाववाद की नीति का विचारक सेलिसेवरी था । चाय की संधि को आरोपित संधि के नाम से जाना जाता है ।
- द्वितीय विश्वयुद्ध में जर्मनी की पराजय का श्रेय रूस को दिया जाता है । द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान अमेरिका ने 6 अगस्त , 1945 ई० को जापान पर अणुबम का प्रयोग किया । - द्वितीय विश्वयुद्ध में मित्रराष्ट्रों द्वारा पराजित होनेवाला अंतिम देश जापान था ।
- अमेरीका ने हिरोशिमा पर फैटमैन तथा नागासाकी पर लिटल बॉय नामक एटम बम जो 100 मेगावाट का था गिराया । अन्तरराष्ट्रीय क्षेत्र में द्वितीय विश्वयुद्ध का सबसे बड़ा योगदान सयुक्त राष्ट्रसंघ की

Thursday, April 16, 2020

प्राचीन भारत।

प्राचीन भारतीय इतिहास के स्त्रोत

प्राचीन भारतीय इतिहास के विषय में जानकारी मुख्यतः चार स्त्रोतों से प्राप्त  होती है--
(१)  धर्मग्रंथ (२) ऐतिहासिक ग्रंथ (३) विदेशियों का विवरण
(४)  पुरातत्व-संबंधी साक्ष्य

धर्मग्रंथ एंव ऐतहासिक ग्रंथ से मिलनेवाली महत्वपूर्ण जानकारी

भारत का सर्वप्राचीन धर्मग्रंथ वेद हैं, जिसके संकलनकर्ता महर्षि कृष्ण दैपयन वेदव्यास को माना जाता हैं---

1 ऋग्वेद 2 यजुर्वेद 3 सामवेद 4 अथर्ववेद